Wednesday, September 10, 2008

एक अजनबी

वो अजनबी अब अपना सा लगने लगा है
मेरी जिंदगी में फ़िर सितार बजने लगा है
तुम आना कभी मेरे ख्वाब में , ' मेरी कविता ' बनकर
मेरी आँखों में अब फ़िर सपना सजने लगा है !

मै अकेला नहीं रहा, इस जिंदगी के सफ़र मे
मेरा हमसफ़र अब मेरे साथ चलने लगा है
मेरे दिल को भी गुमान रहता है आज-कल
की अब इसमें भी कोई रहने लगा है !

बहुत दिनों से सोच रहा हूँ , एक बात कहना अजनबी से
ना उड़ा दे हँसी में , ये डर लगने लगा है
अब ' वेद प्रकाश ' भी बड़े शौक से बर्बाद हो रहा है
ऐसा लगता है उसे भी , मोहब्बत होने लगा है !

8 comments:

रश्मि प्रभा said...

लगता तो है बेटा,प्यार टपक रहा है,पर प्यार में बर्बाद
नहीं होना-प्यार सपनों को नई धड़कनें देता है,जो सुनाई
दे रही है........

Amma said...

ऐसी बातें होती हैं.......
प्यार में जो कहो प्यारा ही लगता है
चलो अम्मा का आशीर्वाद लो

Manvinder said...

आपके भाव बहुत सुंदर हैं .....लाजवाब लिखा है....

गीता पंडित (शमा) said...

aaj sur doosare hain ....achchha hai......

sundar rachana....

GOD is with YOU.....be aways happy....

Akshaya-mann said...

WAH! BAHUT KHUB.....
अब ' वेद प्रकाश ' भी बड़े शौक से बर्बाद हो रहा है
ऐसा लगता है उसे भी , मोहब्बत होने लगा है !
HUM NAHI HONE DAINGE BARBAAD KYUNKI HUM AJNABI NAHI APNE HAIN BHAI..[:)]
BAHUT GHERAAI KE SATH SUNDAR RACHNA LIKHI....

अशोक लव: मोहयाल said...

AAPKAA DOOSRAA BLOG BHEE PARHAAA.
AAP SABKO MIX KYOON KAR DETE HAIN? KAVITAA... LOREE. BHAJAN....
AAPKEE KAVITAA PARHEE.
ACHCHHAA PRAYAS HAI . VIBHINN BHAVON KO KAVITAA ROOP PRADAAN KAREIN.HAMEIN ACHCHAA LAGEGAA.
*ASHOK LAV

Dr. RAMJI GIRI said...

अब ' वेद प्रकाश ' भी बड़े शौक से बर्बाद हो रहा है
ऐसा लगता है उसे भी , मोहब्बत होने लगा है !


Is sukhad ahsas ko kavyatamaka di hai aapne..
Congrats...

sakhi with feelings said...

bahut dil se likhi lagti hai...kahin kahin choti kamee nazar ayee mujhe lekin bhav aur ahsas sab poore lage wohi sabse achi baat hai...apke bhav ki imandari ep kuch kahna chahungi....

kisi ajnabi ke hath
dil saupne se pahle
ye khayal rakhna sadaa
wo sabhaale ise apna maan ke
kahin tod na de wo isko
khilonaa mitti ka jaan ke
samjhdaar insaan milna
bahut mushkil hai ab dost
dil ko kabhi na dena yuhi
begaana parwaana jaan ke
dil apna hai apna hi rakhna
jab tak na mile hamsaaya maan ke.

duao ke sath
ki apki khwahish poori ho ek din...